1.धनतेरस (dhanteras)का त्योहार क्यों मनाया जाता है?


 2.धनतेरस(dhanteras) कब है? कौन सा शुभ मुहूर्त है? क्या है पूजा विधि? कौन से देव या देवी की करें पूजा -उपासना?  


3.धनतेरस( dhanteras)के दिन किस  वस्तु को लेना शुभ या अशुभ है?


धनतेरस(dhanteras )का त्यौहार 🥰 

 कैसे करें पूजा -उपासना? पर्व से क्या है शुभ -लाभ? पर्व में क्या खरीदें /न खरीदें? सोचने वाली है न बात 🤔
कोई बात नहीं आइये तो सही पूर्ण जानकारी आपको मिलेगी यहाँ👇

dhanteras Image 👇


dhanteras


आइये जानते हैं इन सब के बारे में...

हमारे भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य का स्थान धन से ऊपर माना जाता है। लोगों के बीच यह कहावत आज भी प्रचलित है कि 'पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख घर में माया' इसलिए दीपावली में सबसे पहले धनतेरस को महत्व दिया जाता है। जो कि हमारे भारतीय संस्कृति के हिसाब से बिल्कुल अनुकूल है। इस दिन की मान्यता सर्वव्यापी है। उमंग और उल्लास के साथ ये त्योहार हर व्यक्ति प्रसन्नता से मानता है।


dhanteras| dhanteras wishes


धर्म शास्त्रों में वर्णित कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए।और यह भी मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि विष्णु के अंशावतार हैं,संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरि का अवतार लिया था। इसी वजह से भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। जिसमें लोग समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के साथ आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भगवान् से प्रार्थना करते हैं। धनतेरस को ‘धनत्रियोदशी’ और ‘धन्वंतरी त्रियोंदशी’ भी कहते है।


 dhanteras image :

dhanteras


Dhanteras 2022 Date:


भारतीय हिंदू धर्म में दिवाली का बहुत अधिक महत्व होता है। प्रत्येक व्यक्ति को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है, इस पर्व में धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार दीपावली की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। अतः धनतेरस (dhanteras)का पर्व छोटी दिवाली से एक दिन पहले मनाने का प्रावधान है। भारतीय हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की तेरहवीं या त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाने की मान्यता है। इस पर्व में धन्वंतरि देव, लक्ष्मी जी और कुबेर देव की पूजा अर्चना की जाती है। शास्त्र के अनुसार इस दिन कोई भी समान खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है, हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन खरीदी गई चल-अचल संपत्ति में तेरह गुणा वृद्धि होती है। इसी वजह से कई लोग इस दिन बर्तनों की खरीदारी के अलावा सोने-चांदी की चीजें भी खरीदते हैं। अब आइये जानते हैं धनतेरस की तिथि, पूजा विधि और महत्व के बारे में...


dhanteras| dhanteras wishes


धनतेरस(dhanteras) 2022 कब है?


हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस साल धनतेरस 23 अक्टूबर 2022 को है। इस पर्व के दिन धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है,इस पर्व के दिन ही सोना, चांदी या बर्तन आदि खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।


धनतरेस(dhanteras) 2022 शुभ मुहूर्त:


पंचांग के अनुसार कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ - 22 अक्टूबर 2022, शाम 6 बजकर 02 मिनट से

त्रयोदशी तिथि का समापन- 23 अक्टूबर 2022, शाम 6 बजकर 03 मिनट पर

इस पर्व में इस दिन धन्वंतरि देव की पूजा का शुभ मुहूर्त - 23 अक्टूबर 2022 रविवार, 5 बजकर 44 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक


धनतेरस(dhanteras) पूजा विधि:


इस पर्व में धनतेरस के दिन शाम के वक्त शुभ मुहूर्त में उत्तर की ओर कुबेर और धन्वंतरि की स्थापना करें और साथ ही 

मां लक्ष्मी व गणेश की भी प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। तत पश्चात दीप प्रज्वलित करें और विधिवत पूजन करना आरंभ करें तथा तिलक करने के बाद पुष्प, फल आदि चीजें अर्पित करें।खास बात कुबेर देवता को सफेद मिष्ठान और धन्वंतरि देव को पीले मिष्ठान का भोग लगाना न भूलें ।और पूजा के दौरान 'ऊँ ह्रीं कुबेराय नमः' इस मंत्र का जाप करते रहें।

खास बात भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के लिए इस दिन धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।

मान्यताओं के अनुसार लोहे व स्टील के बर्तन की खरीदारी अशुभ और प्लास्टिक का सामान भी खरीदने से बचें|


Dhanteras Shopping 2022|Time08:30PM तक 


dhanteras image :

dhanteras images


 दिवाली पर्व से दो दिन पहले धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, मृत्यु के देवता यमराज, कुबेर देव और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है | मान्यताओं के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें खरीदने से बचना चाहिए,कई लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती कि धनतेरस के दिन क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं? आइए जानते हैं धनतेरस के दिन आपको कौन सी चीजें खरीदने से बचना चाहिए...


1- स्टील से बनी चीजें -

धनतेरस के दिन बहुत से लोग स्टील के बर्तन घर ले आते हैं, जबकि इन्हें खरीदने से बचना चाहिए. स्टील शुद्ध धातु नहीं है. इस पर राहु का प्रभाव भी ज्यादा होता है. आपको सिर्फ प्राकृतिक धातुओं की ही खरीदारी करनी चाहिए|मानव निर्मित धातु में से केवल पीतल खरीदा जा सकता है|


2- एल्यूमिनियम का सामान -

 धनतेरस (dhanteras)पर कुछ लोग एल्यूमिनियम के बर्तन या सामान भी खरीद लेते हैं| इस धातु पर भी राहु का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए एल्यूमिनियम को दुर्भाग्य का सूचक माना गया है |अतः त्योहार पर एल्यूमिनियम की कोई भी नई चीज घर में लाने से बचें|

3- लोहे की वस्तुएं -

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोहे को शनिदेव का कारक माना जाता है,इस वजह से लोहे से बनी चीजों को धनतेरस पर भूलकर भी खरीदने की गलती न करें| 


4- नुकीली या धारदार चीजें -

(dhanteras)धनतेरस के दिन धारदार वस्तुएं खरीदने से बचें, इस दिन चाकू, कैंची, पिन, सूई या कोई धारदार सामान खरीदने से सख्त परहेज करना चाहिए| धनतेरस पर इन चीजों को खरीदना शुभ नहीं माना जाता है|


5- प्लास्टिक का सामान -

धनतेरस( dhanteras)पर कुछ लोग प्लास्टिक की बनी चीजें घर ले आते हैं, बता दें कि प्लास्टिक बरकत नहीं देता है, इसलिए धनतेरस पर प्लास्टिक से बना किसी भी तरह का सामान घर न लेकर आएं, इस बात का ख्याल रखें |


6- चीनी मिट्टी के बर्तन -

 धनतेरस पर सेरामिक (चीनी मिट्टी) से बने बर्तन या गुलदस्ता आदि खरीदने से बचना चाहिए, इन चीजों में स्थायित्व नहीं रहता है, जिससे घर में बरकत की कमी रहती है, इसलिए आप सेरामिक से बनी चीजें बिल्कुल न खरीदें |

7- खाली बर्तन घर ना लाएं-

 धनतेरस (dhanteras)के दिन यदि आप कोई बर्तन या इस्तेमाल करने का सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि उसे घर में खाली न लेकर आएं,घर में बर्तन लाने से पहले इसे पानी, चावल या किसी दूसरी सामग्री से भर लें|


8- मिलावटी चीजें -

धनतेरस (dhanteras)के दिन यदि आप तेल या घी जैसी चीजें खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा सतर्क रहिए, ऐसी चीजों में मिलावट हो सकती है और इस दिन अशुद्ध चीजें खरीदने से बचना चाहिए,धनतेरस पर अशुद्ध तेल या घी के दीपक ना जलाएं |


9- कांच के बर्तन -

 धनतेरस(dhanteras) पर कुछ लोग कांच के बर्तन खरीदते हैं, ध्यान रहे कांच का संबंध राहु से माना जाता है, इसलिए धनतेरस के दिन इसे खरीदने से बचना चाहिए|


10- काले रंग की चीजें -

धनतेरस के दिन काले रंग की चीजों को घर लाने से बचना चाहिए, धनतेरस (dhanteras)एक बहुत ही शुभ दिन है, जबकि काला रंग हमेशा से दुर्भाग्य का प्रतीक माना गया है,इसलिए धनतेरस पर काले रंग की चीजें खरीदने से बचें|


Dhanteras 2022:

धनतेरस पर्व पर घर लाएं ये वस्तुएं, होगी सुख और सौभाग्य में वृद्धि|धनतेरस(dhanteras) धन के देवता कुबेर और धनवंतरी के पूजन का पर्व है। आइए जानते है इस धनतेरस पर क्या खरीदना होगा सबसे ज्यादा लाभदायक....

 दीपावली के पर्व की शुरूआत धनतेरस के दिन से होती है। धर्म शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं और सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करती है।इसी वजह से इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। आइए जानते है इस धनतेरस पर क्या खरीदना होगा सबसे ज्याद लाभदायक....


1-लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति


धनतेरस के दिन सबसे शुभ माना जाता है लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदना। एक ओर जहां भगवान गणेश विघ्न और बाधांओं को दूर करते हैं तो वहीं मां लक्ष्मी सुख और सौभाग्य लेकर आती हैं।

2-पीतल के बर्तन-

पीतल को भगवान धनवंतरी की धातु माना जाता है। इस दिन पीतल के बर्तन खरीदने से स्वास्थ्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है।


3-सोना-चांदी-

धनतेरस के दिन के दिन सोना-चांदी के गहने या आभूषण खरीदना सौभाग्य दायक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदना सुख और समृद्धि लाता है।

4-कौड़िया

कौड़ियां पुराने काल की मुद्रा है,ये भी मां लक्ष्मी का ही रूप है। धनतेरस को कौड़ियां खरीदना और दीपावली के दिन पूजन में मां लक्ष्मी को चढ़ाना चाहिए।


5- गोमती चक्र

गोमती चक्र को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस के दिन 11 गोमती चक्रों को खरीद कर मां लक्ष्मी को समर्पित करना चाहिए।

6- धनिया-

धनतेरस(dhanteras) के दिन धनिया खरीदने को भी शुभ माना जाता है। पूजा में इनको चढ़ा कर कुछ दाने गमले में बो देने चाहिए, इससे साल भर आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी।

7- खील और बताशे-

 धनतेरस (dhanteras)के दिन खील और बताशे खरीदना सुख-समृद्धिदायक माना जाता है।

8-झाडू -

मां लक्ष्मी को साफ-सफाई को विशेष महत्व देती हैं। इसलिए धनतेरस के दिन झाडू खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।


Dhanteras ke liye online shopping, mahabacht 👇



Online Amazon Shopping


Conclusion :


ये त्योहार न केवल खुशी का प्रतीक है। बल्कि ये स्वास्थ्य का भी प्रतीक है। धनतेरस भारत के हर प्रदेश में मनाया जाता है। मायानगरी मुम्बई हो या पिंक सिटी जयपुर, मध्यप्रदेश हो या गुजरात, दिल्ली हो या बेंगलुरु। सभी जगह समान उत्साह से ये त्योहार मनाया जाता है।ये त्योहार लोगो मे हमेशा ऊर्जा और विकास लाता है। सिर्फ पूजा और आध्यात्मिक क्षेत्र में नही ये दिन हमे हर क्षेत्र में अपनी उत्तम प्रस्तुति देने को भी प्ररित करता है।

मै आशा करता हूँ कि आपको Dhanteras पर लिखे गए आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा।  

सभी पाठको को हमारी ओर से happy dhanteras और मैं कामना करता हूँ कि dhanvantari भगवान और माता की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।


खास जानकारियां -

दशहरा विशेज


भगवान शिव


प्रभु श्री राम


मोबाइल का युग