god ram ayodhya      

 राम कथा

           🙏🙏🙏🙏


1. भगवान राम (God Ram)कौन हैं?


            

 पार्ट 01


जैसे कि आप लोग जानते होंगे प्रभु श्री राम(God Ram)भगवान विष्णु के अवतार थे| इन का अवतार होने का मतलब पृथ्वी पर जब जब धर्म हानि और मानवता का विनाश होता है उस समय प्रभु किसी न किसी के रूप पृथ्वी पर आगमन | मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम हिन्दू धर्म में विष्णु के 10 अवतारों में से एक हैं। राम का जीवनकाल एवं पराक्रम, महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित, संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में लिखा गया है। उनके उपर तुलसीदास ने भक्ति काव्य श्री रामचरितमानस रचा था। ख़ास तौर पर उत्तर भारत में राम बहुत अधिक पूज्यनीय माने जाते हैं। रामचन्द्र हिन्दुत्ववादियों के भी आदर्श पुरुष हैं। राम, अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र थे। राम की पत्नी का नाम सीता था (जो लक्ष्मी का अवतार मानी जाती है और इनके तीन भाई थे, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। हनुमान, भगवान राम के, सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं।

Ram image
🙏🙏
Ram mndir
🙏🙏

भारत में यह प्रचलित है कि प्रभु श्रीराम ने जैसा जीवन जिया, वैसा जिएं और भगवान श्रीकृष्ण ने जो कहा, उसे मानें अर्थात कोई भी व्यक्ति श्रीकृष्ण के जैसा जीवन नहीं जी सकता, लेकिन प्रभु श्रीराम के जैसा जीवन जी सकता है। प्रभु श्रीराम ने गीता नहीं कही, बल्कि उन्होंने खुद के जीवन को ही गीता के उपदेशों की तरह बनाकर लोगों को दिखाया। प्रभु श्रीराम ने वन में बहुत ही सादगीभरा तपस्वी का जीवन जिया। वे जहां भी जाते थे तो 3 लोगों के रहने के लिए एक झोपड़ी बनाते थे। वहीं भूमि पर सोते, रोज कंद-मूल लाकर खाते और प्रतिदिन साधना करते थे। धनुष और बाण से वे जंगलों में राक्षसों और हिंसक पशुओं से सभी की रक्षा करते थे। कोई सोच सकता है कि उस काल में कितने भयानक जंगल हुआ करते थे और साथ ही उन जंगलों में भयानक हिंसक पशुओं के साथ ही हिंसक जंगली मानव भी हुआ करते थे।ये है न सोचने वाली बात 🥰🥰

2. प्रभु श्री राम के स्वभाव क्या है?


प्रभु श्री राम ने विषम परिस्थितियों में भी स्थिति पर नियंत्रण रख सफलता प्राप्त की उन्होंने हमेशा वेदों और मर्यादा का पालन किया। स्वयं के सुखों से समझौता कर उन्होंने न्याय और सत्य का हमेशा साथ दिया।

बेहतर नेतृत्व क्षमता-

भगवान राम एक कुशल प्रबंधक थे,वो सभी को साथ लेकर चलने वाले थे। भगवान राम के बेहतर नेतृत्व क्षमता की वजह से ही लंका जाने के लिए पत्थरों का सेतु बन पाना सुलभ हुआ था ।

मित्रता -

हर जाति, हर वर्ग के व्यक्तियों के साथ भगवान राम ने मित्रता की। हर रिश्तें को श्री राम ने दिल से निभाया। केवट हो या सुग्रीव, निषादराज या विभीषण सभी मित्रों के लिए उन्होंने स्वयं कई बार संकट का सामना किया ।

दयालु स्वभाव-

भगवान राम काफी दयालु स्वभाव के रहें। उन्होंने दया कर सभी को अपनी छत्रछाया में लिया। उन्होंने सभी को आगे बढ़ कर नेतृत्व करने का अधिकार दिया। सुग्रीव को राज्य दिलाना उनके दयालु स्वभाव का ही प्रतिक है।

सहनशील व धैर्यवान  -

सहनशीलता व धैर्य भगवान राम(God Ram)का प्रमुख गुण है। अयोध्या का राजा होते हुए भी श्री राम ने संन्यासी की तरह ही अपना जीवन व्यापन किया। यह उनकी सहनशीलता को दर्शाता है

 

............................................

                  Jgtjnni

             🙏🙏🙏🙏🙏

Different Forms of Maa Durga


Conclusion -

  प्रिय पाठकों आपको हमारा कान्टेनट  कैसा लगा आप अपने मित्रों को भी शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपना सुझाव भी शेयर करें, धन्यवाद |