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दशहरा/विजयादशमी
भक्त जनों आइये जानकारी लेते हैं दशहरा /विजयादशमी से जुड़ी बातों /तथ्यों से....
भक्त जनों दशहरा या विजयदशमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व भारतीय संस्कृति के वीरता का पूजक, शौर्य का उपासक माना जाता है। खास बात आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला दशहरा यानी आयुध-पूजा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है।
खास बात भक्तों दशहरा को दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। भक्तों शक्ति के प्रतीक का उत्सव- शक्ति की उपासना का पर्व शारदेय नवरात्रि प्रतिपदा से नवमी तक निश्चित नौ तिथि, नौ नक्षत्र, नौ शक्तियों की नवधा भक्ति के साथ सनातन काल से मनाया जाता है। भक्तों इस मौके पर लोग नवरात्रि के नौ दिन जगदंबा के अलग-अलग रूपों की उपासना करके शक्तिशाली बने रहने की कामना करते हैं।भक्तों भारतीय संस्कृति सदा से ही वीरता व शौर्य की समर्थक रही है। भक्तों दशहरे का उत्सव भी शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला खास उत्सव है।पूरे दस दिनों तक त्योहार की धूम रहती है।भारत वर्ष में.
खास बात लोग भक्ति में रमे रहते हैं। मां भगवती दुर्गा की विशेष आराधनाएं धार्मिक स्थलों पर देखने को मिलती हैं।और दशमी के दिन त्योहार की समाप्ति होती है।इस दिन को ही विजयादशमी कहा जाता है।
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भक्तों इस दिन भगवान राम ने राक्षस रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से छुड़ाया जिससे सारा समाज भयमुक्त और प्रसन्न युक्त हुआ था।
dussehra wishes:
शास्त्रों के अनुसार रावण को मारने से पूर्व श्री राम ने माँ दुर्गा देवी की आराधना की थी।जिस वजह से मां दुर्गा ने उनकी पूजा से प्रसन्न होकर उन्हें पूर्णतः विजय का वरदान प्रदान किया था।
आज के समय में रावण दहन बहुत धूमधाम से किया जाता है।बुराई पर अच्छाई की विजय-
भक्तों इस दिन क्षत्रियों के यहां शस्त्र की पूजा होती है। खास बात यह भी है कि इस दिन रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं |यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही आतिशबाजियां भी की जाती हैं। माँ दुर्गा की मूर्ति की स्थापना कर पूजा करने वाले भक्त मूर्ति-विसर्जन का कार्यक्रम भी गाजे-बाजे के साथ बड़े धूम धाम से करते हैं।
परम्परा के अनुसार भक्तगण दशहरे में मां दुर्गा की पूजा करते हैं। और कुछ लोग व्रत एवं उपवास करते हैं। माँ भगवती पूजा की समाप्ति पर पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर भक्तों द्वारा संतुष्ट किया जाता है। भक्तों कई स्थानों पर मेले लगते हैं और रामलीला का आयोजन भी किया जाता है।
भक्तों खास बात ये भी है कि दशहरा अथवा विजयादशमी राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति पूजा का पर्व है अर्थात् शस्त्र पूजन की तिथि है।भक्तों यह पर्व हर्ष, उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारत देश के कोने-कोने में यह विभिन्न रूपों से मनाया जाता है, बल्कि यह उतने ही जोश और उल्लास से दूसरे देशों में भी मनाया जाता जहां प्रवासी भारतीय निवास करते हैं।
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हर वर्ग अपने तरीके से मनाता है पर्वः
इस त्यौहार को समाज का हर वर्ग अपने तरीके से मनाना पसंद करता है। और क्षत्रिय समाज इस पर्व को शौर्य के रूप में मनाता है। भारतीय संस्कृति सदा से ही वीरता व शौर्य की समर्थक रही है। खास बात इस दिन यदि श्रवण नक्षत्र हो तो विजय नहीं रुकती,इसी दिन दुर्योधन ने पांडवों को जुए में पराजित करके 12 वर्ष का वनवास और एक वर्ष के अज्ञातवास के लिए भेजा था। सोचने वाली बात अज्ञातवास में अर्जुन ने अपना धनुष एक शमी वृक्ष पर रखा था और शमी वृक्ष से अपने हथियार उठाकर शत्रुओं पर विजय प्राप्त की थी। लोगों का मानना है कि विजयकाल में शमी पूजन करने का प्रावधान है।
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कुछ खास स्थान जहाँ दशहरे का रंग मंच इस प्रकार है...
दशहरा मेला -
पर्व को मनाने के लिए जगह-जगह बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। मेले में लोग अपने परिवार, दोस्तों के साथ आते हैं और खुले आसमान के नीचे मेले का पूरा आनंद का एहसास करते हैं। मेले में विभिन्न प्रकार की वस्तुएं, खिलौने, कपड़े आदि बेचे जाते हैं। साथ ही मेले में व्यंजनों की भी भरमार और सुमार रहती है।
मैसूर का दशहरा :
भक्तों मैसूर का दशहरा देशभर में विख्यात है। मैसूर में दशहरे के समय पूरे शहर की गलियों को रोशनी से सज्जित किया जाता है और हाथियों का श्रृंगार कर पूरे शहर में एक भव्य जुलूस निकाला जाता है।और इस समय प्रसिद्ध मैसूर महल को दीपमालिकाओं से दुल्हन की तरह सजाया जाता है। शहर में लोग टार्च लाइट के संग नृत्य और संगीत की शोभा यात्रा का आनंद लेते हैं।
पर्वतीय समाज की शोभायात्राः
खास बात उत्तराखंड में भगवान के प्रतीकों के साथ ही मनोरंजन के लिए कार्टून और जोकर का रूप में धारण किए पात्रों के साथ शोभायात्रा निकाली जाती है।और अल्मोड़ा में यह खास पर्व मनाया जाता है। उत्तराखंड की रामलीलाओं में ऐसा जुलूस निकाला जाता है।
उल्लास और समृद्धि का त्योहारः गुजरात समाज के लोग गरबा के माध्यम से उल्लास का पर्व मनाते हैं।यहाँ नवरात्र के दिनों में डांडिया होती है, दशहरे के दिन कन्याओं के सिर पर रंगीन घड़ा रखा जाता है और समृद्धि की देवी के रूप में उनकी पूजा की जाती है। गुजराती समाज के लोग गरबा नृत्य खुशी और समृद्धि की कामना के लिए करते हैं । इस पर्व के दिन खास पकवान फाफड़ा और जलेबी का सेवन होता है। नए कपड़ों के साथ ही इस दिन विशेष पकवान जैसे खीर, हलवा और मालपुवा के साथ ही रायता बनाया जाता है। साथ ही पपीते की चटनी का प्रयोग भी खाने में इस दिन जरूर होता है।
लखनऊ का माहौल:
अगर हम राजधानी लखनऊ के बारे में बात करें तो ऐशबाग में दशहरा बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
आइए जानकारी लेते हैं, लखनऊ में कहां-कहां रावण दहन होता है, उन जगहों के बारे में...
लखनऊ में रावण दहन कहां-कहां होता है?
ऐशबाग:
ऐशबाग का माहौल,राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में दशहरा बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। खास बात ऐशबाग में लखनऊ का सबसे बड़ा रावण बनाया जाता है। और रावण दहन देखने के लिए पूरे शहर से लोग आते हैं। दशहरे के दिन यहां तो भीड़ बहुत ही भयानक लगती है। दोस्तों यहां खाने-पीने से लेकर आप खरीदारी भी कर सकते है,साथ ही यहां पर रामलीला का भी आनंद ले सकते हैं।
सदर बाजार :
यहाँ की खासियत लखनऊ के सदर बाजार में दशहरे पर बहुत बड़ा मेला लगता है। यहां भी बहुत विशाल रावण का पुतला जलाया जाता है। एक तो बाजार की वजह से भी यहां रावण दहन देखने के लिए लोगों को बहुत भीड़ देखने को मिलती है।
पीएनटी पार्क राजाजीपुरम :
लखनऊ के राजाजीपुरम में दशहरे का त्योहार बहुत बड़े स्तर पर मनाया जाता है, हर साल बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में दशहरे पर विशाल रावण का दहन होता है।
जानकीपुरम:
जानकीपुरम का माहौल,राजधानी के जानकीपुरम में सहारा स्टेट में बहुत बड़े रावण दहन का आयोजन होता है। दोस्तों रावण दहन पर हर तरफ आपको जगमग-जगमग देखकर बहुत ही आकर्षक माहौल लगेगा।
झूलेलाल घाटी :
यहाँ की खासियत झूलेलाल में रावण दहन का लोगों को बेशब्री से इंतजार रहता है। यहां आप रावण दहन देखने के साथ दोस्तों यारों के साथ एक गुलजार शाम का भी आनंद उठा सकते हैं।
दोस्तों इसके अलावा लखनऊ में अन्य कई जगहों पर रावण के पुतलों का दहन किया जाता है। तो अगर आप इन जगहों पर जाने में सामर्थ्य नहीं हैं, तो बाकी जगहों पर रावण दहन देख सकते हैं।और आनंद का लुत्फ़ उठा सकते हैं |




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